
बालोद 26 फरवरी 26
डौण्डीलोहारा विकासखंड के सुदूर वनांचल एवं आदिवासी बहुल ग्राम कमकापार में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ने यह सिद्ध कर दिया कि जब शासन-प्रशासन संवेदनशील सोच और जनभावनाओं के साथ मैदान में उतरता है, तो वास्तविक बदलाव संभव होता है। दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
शिविर में आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, दिव्यांग हितग्राहियों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र, मत्स्य विभाग के अंतर्गत मछली जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किए गए। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और विश्वास स्पष्ट नजर आया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बस में सवार होकर ग्राम कमकापार पहुँचे, जहाँ ग्रामीणों और स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। यह दृश्य प्रशासन और जनता के बीच मजबूत विश्वास का प्रतीक बना। कलेक्टर ने गांव के घर-घर जाकर सोख्ता गड्ढों का अवलोकन किया और ग्रामीणों द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान एवं जल संरक्षण कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने इन प्रयासों को पूरे जिले के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी बताया।

जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 201 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 140 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि प्रशासन स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुँचे और उनकी वास्तविक जरूरतों को समझे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
कलेक्टर ने जल संरक्षण को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि पानी केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जीव जगत के अस्तित्व का आधार है। उन्होंने भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही, बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों को मंच पर बुलाकर उनसे आत्मीय संवाद किया गया, गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। नशा उन्मूलन, जल संरक्षण और उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई।
कुल मिलाकर, ग्राम कमकापार में आयोजित यह जनसमस्या निवारण शिविर संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नेतृत्व और जनसेवा की भावना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने शासन-प्रशासन के प्रति ग्रामीणों के विश्वास को और मजबूत किया।

कमकापार जनसमस्या निवारण शिविर बना सुशासन, संवेदनशीलता और जनसेवा की सशक्त मिसाल">



















