
बालोद, 26 फरवरी 2026
बालोद जिले में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनभागीदारी की एक सशक्त तस्वीर आज ग्राम कमकापार में देखने को मिली। दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल और जनोन्मुखी नेतृत्व में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर ऐसा संदेश दिया गया, जिसने ग्रामीणों के बीच नई जागरूकता और भरोसे को जन्म दिया।
डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम कमकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर से पहले कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम के प्रवेश द्वार पर स्थित मंगतुबाबा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पूरे बालोद जिले की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की गई। धार्मिक आस्था के साथ प्रशासनिक संकल्प का यह दृश्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणास्पद रहा।

पूजा के पश्चात कलेक्टर ने स्वयं झाड़ू उठाकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। उनके इस कदम ने यह साफ संदेश दिया कि स्वच्छता केवल निर्देशों तक सीमित नहीं, बल्कि नेतृत्व से शुरू होने वाली जिम्मेदारी है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी श्रमदान कर अभियान को मजबूती दी।
जब अधिकारियों का दल बस में सवार होकर एक साथ गांव की सीमा में पहुँचा, तो ग्रामीणों और स्वच्छता दीदियों ने आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए ‘जल है तो कल है’ और ‘पानी बचाओ, भविष्य संवारो’ जैसे नारों से पूरा वातावरण जागरूकता और उत्साह से भर गया।
ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने मंगतुबाबा मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाने का आश्वासन दिया। इस घोषणा से ग्रामीणों में खुशी और प्रशासन के प्रति भरोसा साफ झलकता नजर आया।
इसके पश्चात कलेक्टर और अधिकारियों ने नीर चेतना अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों के घरों में बनाए जा रहे सोख्ता गड्ढों का निरीक्षण किया। जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की कलेक्टर ने खुले मन से सराहना की और इसे जिले के अन्य गांवों के लिए आदर्श बताया।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जब प्रशासन और जनता एक साथ मिलकर काम करते हैं, तभी स्थायी परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने जल संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम, ग्राम पंचायत के सरपंच, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छ, सुरक्षित और जल-संरक्षित गांव के निर्माण का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, ग्राम कमकापार से शुरू हुआ यह अभियान कलेक्टर के दूरदर्शी नेतृत्व, संवेदनशील प्रशासन और मजबूत जनसहभागिता का प्रतीक बनकर सामने आया है, जो आने वाले समय में पूरे बालोद जिले के लिए नई दिशा तय करेगा

कलेक्टर के नेतृत्व में ग्राम कमकापार बना स्वच्छता और जल संरक्षण की नई मिसाल">



















