
युवराज निराला की खास रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ की छत्तीसगढ़ विधानसभा में 24 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026–27 के लिए पेश किए गए राज्य बजट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जिसे सरकार ने “संकल्प” थीम पर आधारित बताया है। सरकार का दावा है कि यह बजट समावेशी विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण और निवेश को बढ़ावा देगा।
कांग्रेस का तीखा हमला
सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के अनुसूचित जाति कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप आनंद ने बजट को जनता के साथ छलावा करार देते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह मनगढ़ंत और दिखावटी घोषणाओं से भरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि कागज़ों में विकास दिखाया जा रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर आम जनता परेशान है।
घोषणाएं बहुत, राहत कम
बजट में किसानों को ब्याज-मुक्त कृषि ऋण, 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, खेल और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में बड़ी राशि आवंटन की बात कही गई है।

सरकार ने मुख्यमंत्री एआई मिशन, पर्यटन विकास मिशन, खेल उत्कर्ष मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप व निपुण मिशन जैसे पांच प्रमुख अभियानों के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
बस्तर–सरगुजा के नाम पर राजनीति
दिलीप आनंद ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े इलाकों के नाम पर हर बजट में घोषणाएं होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं मिला।
उन्होंने सवाल उठाया कि महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर यह बजट चुप क्यों है।
आने वाले समय में बढ़ेंगी कठिनाइयाँ
दिलीप आनंद का कहना है कि यह बजट साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में किसान, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज़ सुनने के बजाय केवल आंकड़ों और प्रचार पर भरोसा कर रही है।
तीसरा बजट, उम्मीदें फिर टूटीं
गौरतलब है कि यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साई सरकार का तीसरा बजट है। इससे पहले “ज्ञान” और “गति” थीम पर आधारित बजट पेश किए जा चुके हैं, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि हर बार की तरह इस बार भी जनता की उम्मीदें टूट गईं।
जनता के लिए निराशाजनक बजट
अंत में दिलीप आनंद ने स्पष्ट कहा कि
“ऐसा बजट न हमने पहले देखा है, न सुना है। यह बजट पूरी जनता के लिए निराशाजनक है और सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए।”

बजट पेश जनता के लिए निराशाजनक – दिलीप आनंद सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर : कांग्रेस">

















