
कोरबा, 24 फरवरी 2026। जिले में प्रशासनिक कसावट और योजनाओं की जमीनी हकीकत पर फोकस करते हुए कलेक्टर ने समय-सीमा की अहम बैठक लेकर विभागीय कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर जानकारी प्रस्तुत की जाए।
सबसे पहले शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण को लेकर मिल रही शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया गया। कलेक्टर ने खाद्य विभाग को निर्देशित किया कि राशन दुकानों में समय पर भंडारण हो और पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सभी एसडीएम को खाद्य निरीक्षकों की बैठक लेकर नियमित समीक्षा करने तथा गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खाद्यान्न गबन करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार के तहत पीएमश्री विद्यालयों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करने, आवश्यकताओं की सूची तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों को योजना में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि विद्यालयों को उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके।

ग्रीष्म ऋतु में प्रारंभ होने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर वन विभाग को सात दिवस के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। संग्राहक सर्वेक्षण, कार्ड वितरण, बीमा, फड़ मुंशी और अभिरक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि संग्राहकों को पारिश्रमिक 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान किया जाए और सभी खातों का समय पर खुलना सुनिश्चित हो।
अनुच्छेद 275(1) अंतर्गत आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए वार्षिक, त्रिवर्षीय और पंचवर्षीय कार्ययोजना 15 अप्रैल से पूर्व शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन, कृषि, पशुपालन, ईको-पर्यटन, होमस्टे तथा पीवीटीजी बसाहटों के विकास को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापना की जानकारी 5 मार्च तक प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में पीएम स्वनिधि, ई-केवाईसी, पेयजल, पीएम सूर्यघर, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, सिकलसेल व गैर-संचारी रोगों की शत-प्रतिशत जांच, मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएमएफ अंतर्गत शिकायतों के निराकरण के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने और अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के तहत जियो टैगिंग के बाद हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और 31 मार्च तक लंबित आवास पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण विभाग को जिले में अत्याधुनिक वृद्धाश्रम हेतु प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक ने स्पष्ट संदेश दिया—प्रशासन की प्राथमिकता है पारदर्शिता, समयबद्धता और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का प्रभावी लाभ।


















