
पसान रेंजर मनीष सिंह की सटीक रणनीति से 3 लाख की साल लकड़ी जब्त, सीमांत जंगलों में सक्रिय तस्करों पर कसा शिकंजा
कोरबा। जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने आधी रात बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। वनमंडल कटघोरा अंतर्गत वनपरिक्षेत्र पसान में रेंजर मनीष सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित घेराबंदी कर साल प्रजाति की अवैध लकड़ी से भरी ट्रक को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार 22 फरवरी की रात्रि लगभग 12:30 बजे सूचना मिली कि राजस्व क्षेत्र से काटी गई साल लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत को अवगत कराने पर तत्काल टीम गठित की गई। उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में पसान रेंजर मनीष सिंह, वनपाल ईश्वरदास मानिकपुरी, कौशल प्रसाद द्विवेदी, परिक्षेत्र सहायक एवं सुरक्षा श्रमिक भीमसेन सहित वन अमले ने सघन घेराबंदी की।

रात्रि लगभग 1:40 बजे कक्ष क्रमांक ओ.ए. 650 क्षेत्र में संदिग्ध वाहन का पीछा किया गया। रामपुर से धवलपुर मार्ग पर कुछ दूरी तय करने के बाद चालक ट्रक (क्रमांक MP17HH3677) को लावारिस हालत में छोड़कर भाग निकला। तलाशी में साल प्रजाति के 15 नग लट्ठे, कुल 6.50 घनमीटर लकड़ी (अनुमानित मूल्य लगभग 3 लाख रुपये) बरामद की गई। जब्त ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52, 55, 42 (i)(ii) एवं छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) अधिनियम की धारा 3, 16 के तहत प्रकरण दर्ज कर वाहन को जप्त कर लिया है। वाहन को सुरक्षित परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया है तथा पंजीयन नंबर के आधार पर वाहन मालिक और तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
सीमांत जंगलों में बाहरी तस्करों की सक्रियता
सूत्रों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी राज्य के तस्कर भी सक्रिय हैं, जो रात के अंधेरे में राजस्व और वन भूमि से बहुमूल्य लकड़ी की कटाई कर परिवहन का प्रयास करते हैं। पसान रेंजर मनीष सिंह की तत्परता और सख्त निगरानी से इस गिरोह को बड़ा झटका लगा है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगल संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार गश्त और खुफिया तंत्र की सक्रियता से आने वाले दिनों में और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


















