
राजनांदगांव, 21 फरवरी )। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत सभी पात्र किसानों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा व्यापक डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से किसानों को योजना से जोड़ते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराई जा रही हैं, ताकि उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सके।
कृषि विभाग की टीम गांव-गांव जाकर किसानों की ई-केवायसी, आधार सीडिंग, भूमि सीडिंग (लैण्ड सीडिंग) तथा एग्रीस्टेक पंजीयन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी करा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है, जिससे किसानों को खेती-किसानी में आर्थिक संबल मिल सके।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी माह के अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 1,08,449 किसानों की ई-केवायसी, 1,08,944 किसानों की भूमि सीडिंग तथा 1,08,021 किसानों की आधार सीडिंग सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में अभियान को लेकर किसानों में अच्छी सहभागिता देखने को मिल रही है।
उन्होंने आगे बताया कि भारत सरकार द्वारा एग्रीस्टेक परियोजना लागू किए जाने के बाद पीएम किसान पोर्टल में पंजीकृत सभी किसानों के लिए एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना आवश्यक कर दिया गया है। इसके तहत किसानों की फार्म आईडी और फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी और सुगम तरीके से किसानों तक पहुंचाया जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करा लें, ताकि आगामी किस्त की राशि निर्बाध रूप से उनके बैंक खातों में प्राप्त हो सके। किसान स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अथवा लोक सेवा केंद्र के जरिए एग्रीस्टेक पंजीयन करा सकते हैं। विभाग का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।


















