
3110 श्रमिकों को 1.23 करोड़ की सहायता राशि वितरित, कोरबा में गरिमामय श्रमिक सम्मेलन आयोजित
कोरबा, 18 फरवरी 2026। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को समर्पित एक भव्य श्रमिक सम्मेलन का आयोजन कोरबा शहर के टी.पी. नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमवीर प्रदेश की रीढ़ हैं। उनके खून-पसीने और अथक परिश्रम से ही छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों का सशक्तिकरण ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में श्रम विभाग के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत बीते दो वर्षों में 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के लिए आवास निर्माण सहायता, सुरक्षा उपकरण सहायता, महतारी जतन योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, नोनी सुरक्षा योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति, श्रमिक सियान सहायता योजना सहित कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए बोर्ड परीक्षा में मेरिट प्राप्त करने वाले बच्चों को 1 लाख रुपये की मेधावी छात्रवृत्ति तथा विदेश में अध्ययन हेतु 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।
श्रम मंत्री ने कहा कि कोरबा एक श्रमिक बाहुल्य जिला है, जहां बाल्को, एनटीपीसी एवं एसईसीएल जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित हैं। श्रमिकों के हित में वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही नई औद्योगिक नीति के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु श्रम एव जयते पोर्टल एवं कॉल सेंटर भी संचालित है।

सम्मेलन में महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह एवं नगर निगम सभापति नूतन ठाकुर ने भी संबोधित करते हुए श्रमिकों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर 3110 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 23 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इसमें मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, श्रमिक सियान सहायता योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सहित विभिन्न योजनाएं शामिल रहीं।
सम्मेलन स्थल पर लगाए गए विभागीय स्टॉल के माध्यम से श्रमिकों का पंजीयन एवं नवीनीकरण किया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण कर श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया गया। यह सम्मेलन न केवल श्रमिक कल्याण का मंच बना, बल्कि शासन-प्रशासन की श्रमिक हितैषी सोच और प्रतिबद्धता का प्रभावशाली उदाहरण भी साबित हुआ।

श्रमिकों का सशक्तिकरण ही समृद्ध व विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला — श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन">


















