
कोरबा, 18 फरवरी 2026। पाली महोत्सव 2026 के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉल ने आम नागरिकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज के मार्गदर्शन में एकीकृत बाल विकास परियोजना पाली द्वारा यह स्टॉल स्थापित किया गया, जिसमें विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को रोचक, सरल एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
विभागीय स्टॉल का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर आधारित मॉडल रहा। इस मॉडल के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता, पंजीयन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा योजना से लाभ प्राप्त करने की संपूर्ण जानकारी सहज भाषा में प्रदर्शित की गई। आगंतुकों ने मॉडल के जरिए योजना की कार्यप्रणाली को आसानी से समझा और उपस्थित पर्यवेक्षकों से विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।
स्टॉल में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर “वजन त्यौहार” पर केंद्रित एक विशेष कॉर्नर भी बनाया गया। इसमें बच्चों के नियमित वजन मापन, कुपोषण की पहचान, ग्रोथ मॉनिटरिंग तथा पोषण परामर्श से जुड़ी जानकारी दी गई। इस कॉर्नर में माताओं एवं अभिभावकों ने विशेष रुचि दिखाई और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित रेडी टू ईट यूनिट का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं पोषण दोनों को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाया गया।
कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों को सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों ने योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया समझाते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।
पाली महोत्सव के दौरान विभागीय स्टॉल के निरीक्षण के समय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शित मॉडलों और योजनाओं की सराहना की तथा इस जनजागरूकता प्रयास के लिए विभागीय टीम को बधाई दी। साथ ही निर्देश दिए गए कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। कुल मिलाकर, पाली महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग का यह स्टॉल जनजागरूकता बढ़ाने और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ, जिसे बड़ी संख्या में नागरिकों ने सराहा।



















