
सारंगढ़–बिलाईगढ़। स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सारंगढ़ में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आभा कार्ड (ABHA Card) के महत्व, उपयोगिता और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आभा कार्ड आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का अहम हिस्सा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक को एक डिजिटल हेल्थ आईडी प्रदान की जाती है।
बैठक में जानकारी दी गई कि आभा कार्ड 15 अंकों का एक विशिष्ट और अद्वितीय नंबर होता है, जिसके जरिए व्यक्ति के बीमारी से जुड़े सभी रिकॉर्ड, इलाज, टेस्ट रिपोर्ट, डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन, वैक्सीनेशन विवरण और मेडिकल हिस्ट्री एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहती है। यह कार्ड पूरी तरह निःशुल्क, सुरक्षित, गोपनीय और पेपरलेस है। इसे आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर आसानी से बनवाया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि आभा कार्ड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास जाते समय केवल क्यूआर कोड स्कैन कराने से मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तुरंत उपलब्ध हो जाती है, जिससे समय की बचत होती है और इलाज अधिक सटीक व प्रभावी बनता है। इससे बार-बार जांच कराने की जरूरत भी कम होगी और मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी।
बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, स्थायी समिति की सभापति सुशीला साहू एवं अन्य सदस्यों का आभा कार्ड पंजीकरण कर उन्हें कार्ड वितरित किया गया। इस अवसर पर आभा कार्ड को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को आभा कार्ड से जोड़ा जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों की जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ. आर. निराला ने कहा कि आभा कार्ड भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव है। इससे न केवल मरीजों को सुविधा होगी, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों को भी बेहतर उपचार योजना बनाने में सहायता मिलेगी। बैठक में समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम एन.एल. इजारदार, डीपीसी रोशन सचदेव, प्रभारी बीपीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे आभा कार्ड अवश्य बनवाएं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर अपने व परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें।


















