
कोरबा/अमलीडीहा
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलीडीहा के आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषण मुक्ति की दिशा में सशक्त और सराहनीय पहल की जा रही है। विभाग की सुपरवाइजर मधुमिता के कुशल मार्गदर्शन, सतत निगरानी एवं प्रतिबद्ध कार्यशैली ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी और परिणाममुखी बना दिया है।
9 फरवरी से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित विशेष वजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण अभियान के तहत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का नियमित वजन मापन, ऊंचाई जांच एवं बीएमआई (BMI) का आकलन किया गया। इसके साथ ही किशोरी बालिकाओं तथा गर्भवती एवं शिशुवती (धात्री) माताओं का भी वजन परीक्षण एवं स्वास्थ्य मूल्यांकन किया गया, ताकि उनके पोषण स्तर की सही स्थिति ज्ञात कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके। यह समग्र पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुपरवाइजर मधुमिता ने बताया कि शासन की प्राथमिकता है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा, किशोरी या माता कुपोषण का शिकार न हो। इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क कर संतुलित आहार, आयरन, प्रोटीन एवं आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वस्थ बालक और सशक्त किशोरी ही सशक्त समाज की आधारशिला हैं।

अभियान के दौरान अभिभावकों एवं माताओं को पोषण आहार की उपयोगिता, स्वच्छता, टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। स्थानीय समुदाय और पालकों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई, जिससे यह स्पष्ट है कि शासन की योजनाएं जनसहयोग से प्रभावी रूप से सफल हो रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सक्षम बनाने का सशक्त संकल्प है। सुपरवाइजर मधुमिता के समर्पण, सक्रिय नेतृत्व और संवेदनशील कार्यशैली के कारण यह अभियान क्षेत्र में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में मजबूत आधारशिला स्थापित कर रहा है।
शासन की जनहितकारी नीतियों और विभागीय टीम की प्रतिबद्धता से यह विश्वास और सुदृढ़ हुआ है कि क्षेत्र शीघ्र ही पूर्णतः कुपोषण मुक्त समाज की ओर अग्रसर होगा।



















