
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 11 फरवरी 2026।
जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत और संबल प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्राकृतिक आपदा में दिवंगत व्यक्तियों के वारिस परिजनों को आर्थिक सहायता राशि के चेक प्रदान किए। यह सहायता राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी 6-4) के प्रावधानों के तहत दी गई है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने जिले के तीन आपदा मृतकों के परिजनों को प्रति परिवार 4 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारंगढ़ तहसील के ग्राम टांगर निवासी मीराबाई पटेल की मृत्यु सर्पदंश से हुई थी। वहीं सरसीवा तहसील के ग्राम गगोरी निवासी सम्मेलाल रात्रे की मृत्यु स्टॉप डेम में डूबने से हुई, जबकि ग्राम तिलाईपाली निवासी रामचरण रत्नाकर की जान नाले के पानी में डूबने से चली गई थी। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार सहायता राशि स्वीकृत की गई।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने मृतकों के परिजनों करिश्मा रत्नाकर, हेमलता रात्रे और पदुमलाल पटेल को चेक सौंपते हुए आश्वस्त किया कि सहायता राशि शीघ्र ही उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाली जनहानि अत्यंत पीड़ादायक होती है और ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन का कर्तव्य है कि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। जिला प्रशासन भविष्य में भी आपदा पीड़ितों को हरसंभव मदद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल से प्रभावित परिवारों को न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास और भरोसा भी और मजबूत हुआ है।


















