
रायपुर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील सुशासन का ऐतिहासिक उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी सबसे बड़ी चिंता हुआ करती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इस चिंता का सम्मानजनक और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ये विचार राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए, जिसका आयोजन राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में प्रदेश भर से आए कुल 6412 जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। इनमें रायपुर जिले के साथ-साथ अन्य जिलों के जोड़े भी शामिल रहे। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने 1316 नवविवाहित जोड़ों को स्वयं आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि शेष जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवदंपत्ति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह विशाल और अभूतपूर्व आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा और बस्तर संभाग के आठ जिलों में प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जनता के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को सरकार ने महज दो वर्षों में पूरा कर दिया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों की मानक बोरा दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत, श्री रामलला दर्शन योजना और भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता जैसे कई जनकल्याणकारी निर्णयों की भी जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में हुई थी, जिसे अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं।
वहीं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और समावेशी सोच का प्रमाण है





















