
कटघोरा | कोरबा
तहसील कटघोरा अंतर्गत धन उपार्जन केंद्र जावाली में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार केंद्र प्रभारी सुखदेव साहू एवं वहां पदस्थ कर्मचारियों द्वारा भोले-भाले किसानों पर दबाव बनाकर उनसे धान खरीदी से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब वे अपने अधिकारों, नियमों या प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें डांट-फटकार कर चुप करा दिया जाता है।
निरीक्षण के दौरान टीम के सामने ही प्रभारी का दबावपूर्ण व्यवहार सामने आया। किसानों के अनुसार सुखदेव साहू ने ऊंची आवाज़ में यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि “हमारा काम सिर्फ छल्ली लगाना, बोरा सिलना और तौल करना है, बाकी सारा काम किसानों को ही करना होगा।” किसानों का कहना है कि इस तरह की भाषा और रवैया शासन के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत प्रतीत होता है, जिनमें किसानों से श्रम कराना प्रतिबंधित है।

तौल प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आपत्ति सामने आई है। किसानों का आरोप है कि मानक तौल से अधिक, लगभग 40 किलो 800 ग्राम प्रति बोरा की तौल की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब इस विषय में सवाल किया गया, तो कथित रूप से उन्हें डांटकर चुप रहने को कहा गया।
स्थानीय ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने मीडिया के समक्ष अपनी पीड़ा रखने का प्रयास किया, तो उन्हें रोकने और दबाने की कोशिश की गई। किसानों का मानना है कि यदि धान खरीदी पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होती, तो निरीक्षण और सवालों से किसी को आपत्ति नहीं होती।
इस पूरे मामले की जानकारी तहसीलदार कटघोरा श्री सूर्य प्रकाश केसकर को दी गई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों से किसी भी प्रकार का काम कराना नियमों के विरुद्ध है और वे स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे।
फिलहाल धन उपार्जन केंद्र जावाली की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासनिक जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि समय पर हस्तक्षेप से शासन के निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। आगे की कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

धान उपार्जन केंद्र जावाली में अव्यवस्था के आरोप, किसानों पर दबाव बनाकर कराया जा रहा काम">



















