
कोरबा जिले में सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ जिला पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए यह साफ कर दिया है कि अब ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के सख्त निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कबाड़ माफिया की हवा टाइट कर दी गई है। ताबड़तोड़ कार्रवाई, इनाम की घोषणा और कबाड़ दुकानों की सीलबंदी से पूरे अवैध नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।
रशियन हॉस्टल के पास स्थित नहर पुल और डेंगुरनाला ब्रिज की लोहे की रेलिंग को गैस कटर से काटकर चोरी करने की सनसनीखेज वारदात 17 व 19 जनवरी 2026 की रात को सामने आई थी। 28 जनवरी को लिखित शिकायत के बाद चौकी सीएसईबी में अपराध क्रमांक 87/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित विवेचना शुरू की। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि संगठित गिरोह द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर उसे कबाड़ में खपाने का सुनियोजित अपराध था।
पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों—रोहित कुमार, राजेश कुमार उपाध्याय, विक्की कुमार साह, मोहम्मद असलम और मोहम्मद अब्दुल कादिर—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं 2 विधि से संघर्षरत बालकों को सुधार गृह भेजा गया है। फरार आरोपियों में शामिल मुकेश एवं मोहम्मद असलम पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है तथा उनकी निगरानी भी खोली जा रही है। कुल 15 आरोपियों में से शेष 5 की तलाश जारी है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में अवैध कबाड़ कारोबार की कमर तोड़ने के लिए कोरबा, कटघोरा और दर्री अनुभाग में कबाड़ दुकानों की सघन जांच और सीलिंग अभियान चलाया गया। एएसपी श्री लखन पटले के अनुसार अब तक सियाराम अग्रवाल के दो कबाड़ यार्ड (झगरहा), जाफर कबाड़ यार्ड (कुसमुंडा), पिंटू गुप्ता कबाड़ यार्ड (आरामशीन चौक), झनू कबाड़ दुकान और सफीक कबाड़ी दुकान को सीलबंद किया गया है। पुलिस, नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा दस्तावेज, खरीद-बिक्री रजिस्टर और स्टॉक की जांच की जा रही है।
इस दौरान पत्रकार को धमकाने के मामले में भी पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सियाराम अग्रवाल के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में उचित कार्रवाई की है, जिससे यह संदेश गया है कि कानून के दायरे में रहकर ही कारोबार किया जा सकता है।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कोरबा की पारदर्शी, निष्पक्ष और सख्त कार्यशैली को दर्शाती है। शासन ने जिले की कमान ऐसे अधिकारी के हाथों में सौंपी है जो अपराध और अवैध कारोबार पर बिना दबाव के कठोर निर्णय लेने का साहस रखते हैं। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध कबाड़ कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अब साफ है—कोरबा में अवैध कारोबारियों के लिए जगह नहीं, कानून का शिकंजा और भी कसा जाएगा।

KORBA | कबाड़ माफिया पर पुलिस का कड़ा प्रहार, इनाम घोषित होते ही मचा हड़कंप">


















