
कोरबा, 29 जनवरी 2026।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और बाल पोषण को लेकर पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पाली प्रवास के दौरान पेश की। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक और गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को स्वयं परखा और सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
एनआरसी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर दुदावत ने भर्ती बच्चों की माताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के वजन, लंबाई, भोजन और उपचार की जानकारी लेते हुए कहा कि केवल केंद्र में इलाज ही नहीं, बल्कि घर लौटने के बाद भी संतुलित और समय पर पोषण अत्यंत आवश्यक है। छह माह से छह वर्ष की आयु को बच्चों के विकास की निर्णायक अवस्था बताते हुए उन्होंने माताओं को नियमित देखभाल, स्वच्छता और निर्धारित आहार चार्ट का पालन करने की समझाइश दी। किसी भी समस्या पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की सलाह देकर उन्होंने प्रशासन की खुली और पारदर्शी कार्यप्रणाली का भरोसा दिलाया।
इसके बाद कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर ओपीडी, वार्ड, प्रसव कक्ष, सोनोग्राफी, प्रयोगशाला, ऑपरेशन थियेटर, दंत व नेत्र रोग विभाग तथा दवा वितरण केंद्र की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने नेत्र विभाग की बंद मशीन को शीघ्र चालू करने, जांच रिपोर्ट व्हाट्सऐप के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध कराने और 15 दिनों के भीतर आईसीयू को पूर्ण रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर दुदावत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मरीज को दवाइयों के लिए बाहर न जाना पड़े। अस्पताल और जेनेरिक मेडिकल स्टोर में सभी आवश्यक दवाइयाँ कम दर पर उपलब्ध कराई जाएँ। स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, समय पर उपचार और उपकरणों के नियमित रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से सीधा फीडबैक लेकर उन्होंने व्यवस्थाओं की पारदर्शी समीक्षा की। मरीजों ने समय पर भोजन और दवाइयों की उपलब्धता की पुष्टि की। कलेक्टर ने बीएमओ को एमडी मेडिसिन की उपलब्धता, आयुष विभाग के सुचारू संचालन और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह निरीक्षण स्पष्ट करता है कि कलेक्टर कुणाल दुदावत के नेतृत्व में जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जनविश्वास को मजबूती से स्थापित कर रहा है।

पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील नेतृत्व: बच्चों के पोषण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक कलेक्टर कुणाल दुदावत की सख़्त और स्पष्ट पहल ">


















