
कोरबा | 27 जनवरी 2026
जिले में निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले की औद्योगिक संभावनाओं, निवेश को सरल बनाने की प्रक्रिया तथा हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोरबा जिला निवेश और उद्यमिता की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला जिला है और प्रशासन का दायित्व है कि निवेशकों को अनुकूल, पारदर्शी और सहज वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं भू-अर्जन से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निवेशक को तकनीकी या प्रशासनिक जटिलताओं के कारण अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करने और निवेश प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार और स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया गया। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत लंबित प्रकरणों को फरवरी माह तक अनिवार्य रूप से स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा जिले की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक अब नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, ताकि निवेश प्रस्तावों और योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा सके। यह पहल जिले में प्रशासनिक सक्रियता और निवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
बैठक में नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने हेतु सहयोग का आश्वासन दिया।
कुल मिलाकर, यह बैठक कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन और निवेश प्रोत्साहन के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनी।



















