
दीपक गुप्ता की खास रिपोर्ट
कोरबा।
कोरबा जिले के पसान खंड अंतर्गत मंडल ग्राम पसान में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन ने क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। राम नाम की गूंज, भक्ति की धारा और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ यह आयोजन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के अंतर्गत राम नाम लेखन महायज्ञ एवं माता कौशल्या की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर को राममय बना दिया।
जिले भर में चल रहे राम नाम लेखन महायज्ञ के तहत 3 अरब 33 करोड़ राम नाम लेखन का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में पसान खंड के लगभग 3000 हिंदू परिवारों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। पसान खंड के पांच मंडलों में हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 25 दिसंबर 2025 को पसान में आयोजित यह सम्मेलन विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे यज्ञ स्थल पर हुआ। इसके पश्चात माता कौशल्या की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण पर निकली। माताओं-बहनों ने हाथों में राम नाम लेखन पुस्तिकाएं लेकर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह और उल्लास के साथ शोभायात्रा में सहभागिता की। चारों ओर “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राम खिचड़ी आयोजन रहा। सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रत्येक हिन्दू परिवार के घर से अन्न एकत्रित किया गया और उसी से राम खिचड़ी बनाई गई। यह आयोजन प्रभु श्रीराम द्वारा माता शबरी के जूठे बेर स्वीकार कर भक्त प्रेम को सम्मान देने की भावना को जीवंत करता प्रतीत हुआ। जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी राम भक्तों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया, जो समाज को एकजुट रखने का प्रेरक संदेश देता है।
पसान क्षेत्र की रामायण मंडलियों ने भी भक्ति रस की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। भरत प्रजापति टीम, अनूप सिंह नंदलाल मानस मंडली, मनीष यादव एवं ईश्वर मानस मंडली द्वारा प्रस्तुत रामायण पाठ ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
पसान मंडल में कुल 1800 राम नाम लेखन पुस्तिकाओं का वितरण किया गया, जिनके माध्यम से लगभग तीन करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण किया गया। खंड कारवाह राजकुमार पांडेय ने आयोजन की सफलता पर सभी संयोजकों, सहसंयोजकों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 28 दिसंबर को कोरबा में माता कौशल्या की यात्रा निकाली जाएगी तथा 12 जनवरी को राम नाम लेखन पुस्तिकाओं को बाइक रैली के माध्यम से 14 जनवरी को अयोध्या पहुंचाया जाएगा। संगठन ने सभी भक्तजनों से इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
यह सम्मेलन न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सनातन संस्कृति के गौरव का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।


















