
कोरबा जिले का जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा इन दिनों प्रशासनिक पारदर्शिता, जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और विकास कार्यों की गति के लिए विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। शासन-प्रशासन के सकारात्मक दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने में यहाँ के जनपद CEO की कार्यशैली व मानवीय गुण अत्यंत प्रभावशाली रूप में उभरकर सामने आए हैं। वहीं जिले के कलेक्टर द्वारा दिए जा रहे स्पष्ट मार्गदर्शन एवं प्रेरक नेतृत्व ने जनपद को एक नई दिशा देने का कार्य किया है।

पोड़ी-उपरोड़ा CEO का व्यवहारिक, संवेदनशील एवं जनहितकारी दृष्टिकोण प्रशासन के कठोर ढांचे में मानवीयता का अनमोल स्पर्श जोड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण, हितग्राहियों से सीधा संवाद, समस्याओं को सुनकर तुरंत समाधान निकालने की प्रवृत्ति तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को टीम भावना के साथ आगे बढ़ाने की क्षमता, उनके स्वभाव की विशेष पहचान बन चुकी है। यही कारण है कि ग्राम स्तर पर लोग प्रशासन को अपने निकट महसूस कर रहे हैं और योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।

वहीं, जिला कलेक्टर के नेतृत्व में चल रहे स्वच्छता, ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन तथा मनरेगा कार्यों ने कोरबा जिले को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढर्रे की नई पहचान दी है। कलेक्टर द्वारा लगातार दिए जा रहे दिशा-निर्देश — जैसे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता और जनता से संवाद — को जनपद स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में स्वच्छता मिशन, कचरा प्रबंधन, समूह सशक्तिकरण, ग्रामीण रोजगार व पंचायत विकास के कार्य नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

हाल ही में राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान भी पोड़ी-उपरोड़ा जनपद की सकारात्मक प्रगति को रेखांकित किया गया। गांव-गांव में कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, स्वच्छाग्राहियों का उत्साह, महिला समूहों की सक्रियता तथा पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता—यह सभी स्थानीय प्रशासन की मेहनत और सहयोगात्मक रवैये का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

CEO पोड़ी-उपरोड़ा की यह विशेषता कि वे प्रत्येक कार्य को नियमों की कसौटी पर रखते हुए भी मानवता और संवेदना को प्राथमिकता देते हैं, उन्हें एक आदर्श प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पहचान दिलाती है। चाहे किसी गरीब परिवार की तत्काल सहायता हो, युवाओं को योजना संबंधी मार्गदर्शन देना हो, या फिर गांवों की समस्याओं को सरल भाषा में समझकर समाधान करना—हर स्थिति में उनका व्यवहार मिशाल बनता जा रहा है।
प्रशासन का यही सहयोगी, संवेदनशील और सशक्त मॉडल आज पोड़ी-उपरोड़ा को जिले में एक प्रेरणादायी उदाहरण बना रहा है। कलेक्टर के नेतृत्व तथा CEO की सक्रिय भूमिका ने क्षेत्र को विकास, स्वच्छता और सहभागी शासन की दिशा में अग्रसर किया है।



















