
बालोद, 21 नवंबर 2025
बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा धान की अवैध खरीदी–बिक्री पर व्यापक रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और हर स्तर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का यह सख्त रुख जिले में फर्जीवाड़े और अवैध धान व्यापार पर सीधी चोट कर रहा है।
राज्य शासन की मंशा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक भू-अधिकार और रकबे के आधार पर ही की जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने धान की अवैध आवाजाही, भंडारण, खरीदी–फरोख्त और कोचियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के बाद राजस्व, सहकारिता, खाद्य तथा कृषि उपज मंडी विभाग की संयुक्त टीमें जिले के विभिन्न बाजारों, दुकानों और गोदामों में औचक निरीक्षण कर रही हैं।
जांच के दौरान व्यापारियों के यहां रखे धान की मात्रा का मिलान बी-1 पंजी, अनुज्ञप्ति और दस्तावेजों से किया जा रहा है। फुटकर व्यापारियों के स्टॉक की क्षमता और कर अदायगी की भी विस्तृत जांच की जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक धान पाए जाने पर अवैध मानकर तत्काल जप्त किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी व्यापारी या कोची को बख्शा नहीं जाएगा।

कृषि उपज मंडी सचिव श्री संजीव वाहिले के अनुसार, जिले में धान खरीदी में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने हेतु 10 नवंबर से विशेष अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 3089 क्विंटल 40 किलो धान की जप्ति की जा चुकी है, जो प्रशासन की गंभीरता और मुस्तैदी को दर्शाता है। जिले में कुल 39 थोक एवं फुटकर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर सघन जांच की गई है, जहां अनुज्ञप्ति और दस्तावेजों के अनुरूप धान नहीं मिलने पर तत्काल जप्ति की कार्रवाई अमल में लाई गई।
आज की कार्रवाई में तीन प्रमुख मामलों में धान जप्त किया गया—
- ग्राम आनंदपुर (गुरूर) के व्यापारी चंद्रहास यादव के गोदाम से 16 क्विंटल धान,
- ग्राम भीमकन्हार के व्यापारी सुभाषचंद जैन के गोदाम से 17 क्विंटल 60 किलो धान,
- तथा गौतमचंद जैन के दुकान से एक बड़ी मात्रा में 1901 क्विंटल 60 किलो धान जप्त किया गया, जिसकी कीमत 37 लाख 08 हजार 120 रुपये आंकी गई।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की निष्पक्षता और किसानों के हक की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में जिले में किसी भी प्रकार के अवैध धान व्यापार, मिलावट या स्टॉक छुपाने जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर मिश्रा ने सभी व्यापारियों और संबंधित व्यक्तियों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि प्रशासन की निगरानी सदैव सक्रिय है।
बालोद जिले में चल रहा यह अभियान प्रशासनिक सख्ती, पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा का मजबूत उदाहरण बन गया है। जिलेभर में आगे भी इस तरह की कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।



















