
कोरबा एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने सेवा, समर्पण और विश्वास के 11 सुनहरे वर्ष पूरे कर लिए हैं। इन वर्षों में अस्पताल ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता हासिल की है, बल्कि क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए जीवन का सहारा बनकर उभरा है। एन.के.एच. हॉस्पिटल ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ और उद्देश्य जनसेवा का हो, तो छोटे शहरों में भी बड़े स्तर की चिकित्सा सुविधाएं दी जा सकती हैं।
हॉस्पिटल की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य यही था कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए अब रायपुर, बिलासपुर या किसी बड़े शहर की ओर न जाना पड़े। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और संवेदनशील नर्सिंग स्टाफ की बदौलत आज एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बड़े शहरों पर निर्भरता को काफी हद तक खत्म कर दिया हैचंदानी सर का कहना है कि “एन.के.एच. हॉस्पिटल का मूल मंत्र है – सेवा पहले, लाभ बाद में।” उन्होंने बताया कि इस संस्थान की शुरुआत एक छोटे से उद्देश्य से हुई थी — जरूरतमंदों को बेहतर इलाज देना। लेकिन आज यह सपना एक बड़े रूप में बदल चुका है। हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गायनाकोलॉजी, डायलिसिस, आईसीयू जैसी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध हैं।
चांदानी सर ने कहा कि, “हमारे लिए हर मरीज परिवार का सदस्य है। हमें गर्व है कि हमारे अस्पताल से उपचार पाकर अब तक हजारों लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। यह सब टीम की मेहनत, ईमानदारी और लोगों के विश्वास का परिणाम है।”
अस्पताल प्रबंधन ने इस अवसर पर 11 वर्षों के इस विश्वास यात्रा में सहयोग देने वाले सभी डॉक्टरों, नर्सों, कर्मचारियों और मरीजों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अस्पताल में और नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि आमजन को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल अब क्षेत्र के लोगों के लिए सिर्फ एक इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि उम्मीद का प्रतीक बन चुका है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक आदर्श चिकित्सा केंद्र के रूप में उभरेगा।
विश्वास, सेवा और समर्पण की इस यात्रा में एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने यह सिद्ध किया है कि यदि उद्देश्य जनता की भलाई हो, तो किसी भी क्षेत्र की सीमाएं बड़ी नहीं होता हैं



















