
कोरबा, 10 अप्रैल। थाना पसान क्षेत्र में बहखाभर्रा जंगल में मिली अज्ञात महिला की संदिग्ध मृत्यु के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस की सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी की नेतृत्व क्षमता और पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका की सराहना की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पाटले तथा अधिकारियों के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विजय सिंह राजपूत के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस गंभीर प्रकरण की गहन जांच की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पसान निवासी रामचरण काशीपुरी ने बहखाभर्रा जंगल में महुआ पेड़ के पास एक अज्ञात महिला का शव अस्त-व्यस्त अवस्था में पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही थाना पसान में मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई। शव पंचनामा और पहचान की प्रक्रिया के दौरान कुम्हारीसानी निवासी गनपत सिंह मरकाम ने मृतिका की पहचान अपनी पत्नी जयकुंवर के रूप में की। प्रारंभिक जांच में ही घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला, जिसमें दिनांक 22 फरवरी 2026 को मृतिका को सुकदेव करियाम नामक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर पीछे बैठाकर ले जाते हुए देखा गया। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मृत्यु का कारण गला दबाना बताया और इसे हत्या की आशंका से जोड़कर देखा गया। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
पुलिस द्वारा गवाहों से विस्तृत पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी सुकदेव करियाम ने मृतिका को जंगल में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। जब वह इसमें असफल रहा तो विवाद होने पर गुस्से में आकर उसने महिला का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी चन्द्रपाल खांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विशेष सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्यों का संकलन, गवाहों से लगातार पूछताछ और निरंतर निगरानी के माध्यम से पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक राकेश सिंह, प्रधान आरक्षक उमेश दुबे, सुभाष राठौर सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल एक गंभीर अपराध का पर्दाफाश हुआ, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।



















