
कोरबा, 09 अप्रैल 2026।
भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में स्व-गणना की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। कलेक्टर कोरबा श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जनगणना के प्रथम चरण के तहत स्व-गणना का कार्य 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किया गया है। इस अवधि में जिले के नागरिकों को स्वयं अपनी जनगणना से संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करने का अवसर प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारत सरकार के गृह मंत्रालय और जनगणना निदेशालय द्वारा विकसित एचएलओ (HLO) मोबाइल एप के माध्यम से अपनी स्व-गणना स्वयं करें। इस एप में कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर से साइन इन कर जनगणना से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। जानकारी दर्ज करने के बाद सिस्टम द्वारा एक रिफरेंस नंबर प्राप्त होगा, जिसे नागरिकों को सुरक्षित रखना होगा।
यह रिफरेंस नंबर बाद में 01 मई से 30 मई 2026 तक चलने वाली मकान सूचीकरण अवधि के दौरान प्रगणक (एन्यूमेरेटर) को सत्यापन के लिए उपलब्ध कराना होगा। इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से परिवारों के मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य कम समय में और अधिक सुव्यवस्थित तरीके से पूर्ण किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन के अनुसार डिजिटल माध्यम से जनगणना किए जाने से सरकार को अधिक सटीक, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण आंकड़े प्राप्त होंगे। साथ ही नागरिकों द्वारा स्व-गणना के दौरान दी गई सभी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की निजी जानकारी का दुरुपयोग न हो।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक नागरिकों को एचएलओ एप के माध्यम से स्व-गणना करने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, नगरीय निकायों और विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि हर नागरिक तक इस महत्वपूर्ण जानकारी को पहुंचाया जा सके।
जनगणना को देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकी प्रक्रिया माना जाता है। इसके माध्यम से जनसांख्यिकी, आर्थिक गतिविधियों, साक्षरता और शिक्षा स्तर, आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाएं, शहरीकरण की स्थिति, प्रजनन दर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित आंकड़े, भाषा, धर्म, प्रव्रजन और दिव्यांगता जैसे अनेक सामाजिक और आर्थिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है।
प्रशासन के अनुसार जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण, सामाजिक विकास की योजना बनाने तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आधार का काम करते हैं। इसलिए यह प्रक्रिया देश के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जनगणना 2027 को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जिसमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी संकलित की जाएगी। यह जानकारी आगे होने वाली जनसंख्या गणना की आधार संरचना तैयार करती है।
इसके बाद द्वितीय चरण वर्ष 2027 में जनसंख्या गणना का होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण एक निर्धारित संदर्भ तिथि और समय के आधार पर दर्ज किया जाएगा।
इस बार जनगणना प्रक्रिया में सेंसस 2027-एचएलओ मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रहण को एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही पहली बार नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके पश्चात प्रगणक द्वारा उस जानकारी की जांच कर अंतिम पुष्टि की जाएगी।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और स्व-गणना कर जनगणना 2027 को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।

जनगणना 2027 : स्व-गणना 16 से 30 अप्रैल तक, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश">


















