
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 मार्च 2026। जिला गठन के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। वर्षों से एसडीएम निवास के रूप में उपयोग हो रहे शासकीय बंगले में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय का विधि-विधान के साथ गृह प्रवेश संपन्न हुआ। इस अवसर पर धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, जिला गठन से पूर्व यह शासकीय बंगला एसडीएम के आधिकारिक निवास के रूप में उपयोग में था, लेकिन प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था के तहत अब इसे जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास के रूप में निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ जिपं अध्यक्ष ने अपने परिवार के साथ गृह प्रवेश किया।
गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सुबह से ही पूजा-अर्चना का माहौल बना रहा। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन किया गया, जिसमें जिले की समृद्धि, विकास और जनकल्याण की कामना की गई। इस धार्मिक आयोजन में पांडेय परिवार के सदस्य, रिश्तेदार एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अमले की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जिला कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है, और इसी सहयोग से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है।
इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक गरिमामयी बना दिया।
राजनीतिक स्तर पर भी कार्यक्रम में व्यापक सहभागिता देखने को मिली। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के जनप्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर जिपं अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं, जिससे जिले में राजनीतिक सौहार्द और आपसी सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से झलकती नजर आई।
इसके अलावा अधिवक्ता संघ, चैंबर ऑफ कॉमर्स, पत्रकार, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के पश्चात स्वरुचि भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आपसी भाईचारे को मजबूत किया।
इस अवसर पर जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने कहा कि उन्हें सभी वर्गों से जो स्नेह और समर्थन मिल रहा है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए जिले के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
कुल मिलाकर यह आयोजन केवल एक गृह प्रवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिला पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग की एक मजबूत मिसाल बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में जिले के समग्र विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



















