
कटघोरा/कोरबा, 12 मार्च 2026।
विश्व महिला दिवस के अवसर पर जिले के कटघोरा स्थित गढ़कलेवा परिसर में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रिया महिला स्व सहायता समूह के तत्वावधान में आयोजित “दीदी सम्मान समारोह” में गढ़कलेवा से जुड़ी महिलाओं सहित विभिन्न स्व सहायता समूहों की लगभग 200 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सराहना देना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों बालको, कोरबा, पाली, कटघोरा और पोंडी उपरोड़ा से बिहान योजना से जुड़ी स्व सहायता समूहों की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग शामिल हुए।
इस अवसर पर कटघोरा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राज जायसवाल, उपाध्यक्ष लालबाबू ठाकुर, नगर पंचायत छुरी की अध्यक्ष पद्मिनी प्रीतम देवांगन, कटघोरा नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुद्रिका प्रसाद तिवारी, जनपद पंचायत कटघोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यशपाल सिंह तथा सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र बहादुर सिंह पैकरा सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने गढ़कलेवा संचालन से जुड़ी महिलाओं को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा रही हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। महिलाओं की मेहनत और समर्पण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
कटघोरा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राज जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की मेहनत और लगन से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज की प्रगति संभव नहीं है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिनेश कुमार नाग ने कहा कि गढ़कलेवा केंद्र के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाएं न केवल लोगों को भोजन और जलपान की सुविधा प्रदान कर रही हैं, बल्कि इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। यह पहल स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मान दोनों का माध्यम बन रही है।
उन्होंने कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। शासन और प्रशासन की ऐसी पहल से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और समाज में उनके योगदान की सराहना की। दीदी सम्मान समारोह नारी शक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ उत्साह और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया।


















