
बालोद, 10 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी पहल’ बालोद जिले में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। बिहान योजना के माध्यम से अब तक जिले की 18 हजार 233 महिलाएं एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
यह पहल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। योजना के तहत महिलाओं की वर्तमान आय का सर्वे कर परिवार की आय के विभिन्न स्रोतों का आकलन किया गया। इसके आधार पर परिवारों को आय के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर उनकी आय बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।
दूसरे चरण में समूह से जुड़ी महिलाओं से चर्चा कर उनकी रुचि और संभावित आजीविका के साधनों की पहचान की गई। इसके बाद उन्हें कौशल विकास के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा गया। आरसेटी, आजीविका महाविद्यालय, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य विभागों के सहयोग से महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लगभग 109 करोड़ रुपये का समूह ऋण, सामुदायिक निवेश कोष तथा चक्रिय निधि के रूप में आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। इसके अलावा मुद्रा, खादी ग्रामोद्योग, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रमों के तहत भी महिलाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है।
इस पहल के तहत कई महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से नई पहचान बनाई है। बालोद जिले के परसदा डंग गांव की श्रीमती भूनेश्वरी साहू इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। एक सामान्य गृहिणी से ‘ड्रोन दीदी’ तक का उनका सफर आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। उन्होंने ग्वालियर स्थित इंदिरा उड़ान अकादमी से 15 दिनों का प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में ड्रोन से दवाई छिड़काव का कार्य शुरू किया। अब तक वे लगभग 2950 एकड़ खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और इससे उनके परिवार की आय 5 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में जिले में ‘लखपति दीदी पहल’ को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में 25 हजार लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 18 हजार से अधिक महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं और शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आधुनिक तकनीक से जुड़ने का नया रास्ता खोल रही है।

लखपति दीदी पहल से बदली महिलाओं की तकदीर, ड्रोन दीदी भूनेश्वरी बनी प्रेरणा">



















