
बालोद, 08 मार्च 2026।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय बालोद में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्यामलाल नवरत्न के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद राष्ट्रगान और राज्यगीत “अरपा पैरी के धार” की प्रस्तुति महिला कर्मचारियों द्वारा सम्मानपूर्वक दी गई, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और गौरव से भर उठा।

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्यामलाल नवरत्न ने उपस्थित सभी महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है और समानता के लिए निरंतर प्रयास करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति और शास्त्रों में भी नारी को विशेष स्थान दिया गया है, जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट सतप्रीत कौर छाबड़ा, श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव और स्टेनोग्राफर अंगेश्वरी गोस्वामी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा गीत, कविता, हास्य और लघु नाट्य प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी ताजुद्दीन आसीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 8 मार्च को पूरी दुनिया में महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्षों को सम्मान देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और वे अपनी प्रतिभा और क्षमता से नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित योग प्रशिक्षक डॉ. रंजिता उपाध्याय ने भी महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए योग के महत्व को बताया। उन्होंने महिलाओं को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया और कई उपयोगी योग टिप्स भी साझा किए।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार सोनी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डौंडीलोहारा सतप्रीत कौर छाबड़ा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दल्लीराजहरा श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी हीरा सिन्हा, होमिन लक्ष्मी साहू, प्रशासनिक अधिकारी उदेराम नेताम, डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल देवलाल चौधरी सहित न्यायालय के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरा सिन्हा और होमिन लक्ष्मी साहू द्वारा किया गया, जबकि अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से न्यायालय परिसर में महिला सम्मान, समानता और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।

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