
कलेक्टर ने कृत्रिम पैर एवं वॉकर प्रदान कर बढ़ाया हौसला, शिक्षा के प्रति किया प्रेरित
बालोद, 19 जनवरी 2026/
संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय बालोद स्थित अपने कक्ष में गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खर्रा निवासी दिव्यांग बालिका कुमारी रीना निषाद को कृत्रिम पैर एवं वॉकर प्रदान किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने बालिका एवं उनके परिजनों से आत्मीयता पूर्वक कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी रीना निषाद को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक चुनौतियाँ कभी भी व्यक्ति की क्षमता और सपनों को सीमित नहीं कर सकतीं। उन्होंने बालिका को पूरे मनोयोग, आत्मविश्वास एवं निरंतर प्रयास के साथ शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है और इसके लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी रीना के कृत्रिम पैर का अवलोकन भी किया तथा उनके स्वास्थ्य, दैनिक गतिविधियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिका को शासन की सभी आवश्यक योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसके जीवन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
कलेक्टर ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि परिवार का सहयोग किसी भी दिव्यांग बालिका के आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने परिजनों से आग्रह किया कि वे बालिका की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में जिला प्रशासन से संपर्क करें।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कलेक्टर के इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की संवेदनशील पहल न केवल दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव लाती है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती है।
कुमारी रीना निषाद एवं उनके परिजनों ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से बालिका के जीवन में नई उम्मीद जगी है और वह अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेगी।
यह पहल जिले में संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक सरोकारों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


















