
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
जिले में धान के अवैध कारोबार और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के स्पष्ट निर्देशों के तहत खाद विभाग द्वारा राइस मिलों की सघन जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
जांच के दौरान जगदम्बा राइस मिल, सारंगढ़ में रिकॉर्ड के अनुसार 5447 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई, जबकि श्री श्याम राइस मिल, बरमकेला में 2470 क्विंटल धान अतिरिक्त पाया गया। यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शासन की धान उपार्जन व्यवस्था के साथ सीधे खिलवाड़ का है। अनियमितता पाए जाने पर दोनों राइस मिलों को तत्काल नोटिस जारी कर सील कर दिया गया है।

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हक़ का धान किसी भी स्थिति में ग़लत हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच केवल काग़ज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर भौतिक सत्यापन कर दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर के निर्देश पर खाद विभाग की टीम ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करते हुए यह कार्रवाई अंजाम दी।
डॉ. कन्नौजे की कार्यशैली से यह साफ़ है कि वे जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहे हैं। चाहे बड़ा कारोबारी हो या प्रभावशाली मिल संचालक, नियम तोड़ने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। प्रशासन की इस तत्परता से ईमानदार मिल संचालकों और किसानों में विश्वास बढ़ा है, वहीं अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी राइस मिलों, गोदामों और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो लाइसेंस निरस्तीकरण, आर्थिक दंड और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि शासन की मंशा साफ़ है और जिले में पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने के लिए हर स्तर पर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल मानी जा रही है।


















