
कोरबा | छत्तीसगढ़
भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र की आत्मा को सशक्त करने वाले पर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सर्वमंगला नगर दुरपा में 12 से 19 जनवरी तक शिव महापुराण कथा का भव्य एवं अलौकिक आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और देशभक्ति के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
कथा स्थल के रूप में छोटा दशहरा मैदान, सर्वमंगला नगर दुरपा को निर्धारित किया गया है, जहाँ प्रतिदिन श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से विधिवत पूजन, रुद्राभिषेक एवं आरती संपन्न होगी, वहीं दोपहर 3:30 बजे से शिव महापुराण कथा शिव-इच्छा तक चलेगी। श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सिद्ध रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा, जो शिव कृपा का प्रतीक माना जाता है।
12 जनवरी को भव्य कलश यात्रा, वेदी पूजन, कथा महात्म्य एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा। 13 जनवरी को भस्म की महिमा, नारद जी का वानर मुख होना तथा भगवान विष्णु को श्राप की कथा से जीवन में वैराग्य और संयम का संदेश मिलेगा।
14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन, विशेष कथा में गंगावतरण, रुद्ररहित यज्ञ का आरंभ एवं सती प्रसंग का वर्णन होगा, जो राष्ट्र के लिए त्याग और तपस्या की प्रेरणा देता है।

15 जनवरी को सती जी का हिमालय के घर पार्वती रूप में जन्म एवं शिव-पार्वती विवाह उत्सव भारतीय नारी शक्ति और परिवार मूल्यों का संदेश देगा। 16 जनवरी को कार्तिकेय जन्म, तारकासुर वध, त्रिपुर दहन एवं जलंधर-तुलसी विवाह की कथाएँ अधर्म पर धर्म की विजय को दर्शाएंगी।
17 जनवरी को अर्धनारीश्वर उत्पत्ति, दत्तात्रेय-दुर्वासा कथा एवं हनुमान जी के अवतार का प्रसंग राष्ट्रभक्ति, सेवा और शक्ति की प्रेरणा देगा।
18 जनवरी अमावस्या को 12 ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति एवं दर्शन कथा के साथ विश्राम एवं चढ़ोत्तरी होगी।
19 जनवरी को 11 हजार पार्थिव शिवलिंग पूजन, अभिषेक, हवन, सहस्त्रधारा, पूर्णाहुति एवं विशाल महाप्रसाद वितरण के साथ कथा का भव्य समापन होगा।
इस पावन आयोजन के वाचक राष्ट्रीय भागवताचार्य आचार्य रमाकांत महाराज (हरदीबाजार वाले) होंगे। आयोजन में सर्वमंगला नगर दुरपा, आजाद नगर जरहाजेल, दुल्लापुर, एसजीपी कॉलोनी, बरमपुर, शांतिपारा, बरेठ मोहल्ला, ओडिया मोहल्ला, मंदिर मोहल्ला, चंद्रनगर बसावट सहित समस्त ग्रामवासियों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।
यह शिव महापुराण कथा निश्चित रूप से श्रद्धा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की चेतना को मजबूत करेगी।
हर हर महादेव | जय भारत


















