
रायपुर/जशपुर, 29 दिसंबर
छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में नवस्थापित पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) का शुभारंभ किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों का उद्घाटन कर जिले के बच्चों और माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
इन तीनों पोषण पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की क्षमता के साथ प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इन केंद्रों के माध्यम से गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष चिकित्सकीय देखभाल, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य, उपचार प्रक्रिया और पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को पोषण कीट और खिलौने भेंट कर माताओं का उत्साह बढ़ाया और कहा कि स्वस्थ बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। यह अत्याधुनिक अस्पताल मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से निर्माणाधीन है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा। इस अस्पताल में गर्भवती माताओं के लिए सुरक्षित प्रसव, ऑपरेशन की सुविधा, नवजात शिशुओं और बच्चों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आधुनिक तकनीक से उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में रहने वाले लोगों को भी बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही जिले में मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केंद्रों का संचालन पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए, ताकि कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को समय पर बेहतर इलाज और पोषण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि माताओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना उतना ही जरूरी है, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किए गए इन विकास कार्यों से जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिली है और कुपोषण के खिलाफ राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और भी मजबूत होकर सामने आई है।


















