
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 29 दिसम्बर 2025।
जिला पुलिस अधीक्षक आंजनेय वाष्र्णेय (भापुसे) ने को सरिया थाना का वार्षिक निरीक्षण कर यह स्पष्ट कर दिया कि जिले में पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि अनुशासन, पारदर्शिता और जनता के भरोसे पर आधारित है। तेज निर्णय क्षमता और सख्त लेकिन संवेदनशील कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले एसपी वाष्र्णेय का यह निरीक्षण पुलिस कर्मियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्पद साबित हुआ।
निरीक्षण की शुरुआत कमांडर प्रमोद यादव के नेतृत्व में आयोजित परेड से हुई। परेड के दौरान एसपी ने अधिकारी-कर्मचारियों की टर्नआउट, अनुशासन और वेशभूषा का गहन मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट अनुशासन और बेहतरीन वेशभूषा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को मौके पर ही पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल से पूरे थाना स्टाफ में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक ने थाना के महत्वपूर्ण अनुभागों का निरीक्षण किया। मालखाना, सीसीटीएनएस कक्ष, बंदीगृह, रिकॉर्ड रूम और विवेचक कक्ष का बारीकी से अवलोकन करते हुए उन्होंने सभी रजिस्टरों की जांच की। लंबित अपराध, मर्ग प्रकरण, शिकायतें और जप्ती माल के मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही समंस और वारंट की शत-प्रतिशत तामिली पर विशेष जोर देते हुए न्यायिक प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की हिदायत दी।
एसपी आंजनेय वाष्र्णेय ने पुलिस कर्मियों को अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता से मधुर, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी का दायित्व है। कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने की उनकी अपील ने स्टाफ को नई प्रेरणा दी।
निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना परिसर का भ्रमण करते हुए कर्मचारियों से सीधी भेंटवार्ता की। ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं, संसाधनों की जरूरत और कार्य परिस्थितियों पर चर्चा की गई। उन्होंने थाना परिसर में बनाए रखी गई स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन की खुलकर प्रशंसा करते हुए इसे अन्य थानों के लिए उदाहरण बताया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रमोद यादव, सउनि मोतीलाल डनसेना, सउनि सुमन चौहान, प्रआर सुरेंद्र सिदार, टीकाराम, मोहन गुप्ता सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित रहा।
कुल मिलाकर, अधीक्षक आंजनेय वाष्र्णेय का यह वार्षिक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक समीक्षा रहा, बल्कि पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और जनता के प्रति जवाबदेह, भरोसेमंद पुलिसिंग की दिशा में एक सशक्त संदेश बनकर सामने आया।


















