
कोरबा, दर्री।
दर्री डैम क्षेत्र में मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब एक महिला बार-बार डैम की ओर जाती देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला पानी की ओर उतरने लगी थी और वह पूरी तरह भीग चुकी थी। स्थिति को गंभीर देखते हुए आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सूत्रों के अनुसार, महिला मानसिक रूप से अस्थिर अवस्था में प्रतीत हो रही थी। परिस्थितियाँ सामान्य नहीं थीं, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसे संभाला। महिला के भीग जाने पर उसे ठंड से बचाने के लिए तुरंत गर्म कपड़े उपलब्ध कराए गए।
इस पूरे मामले में सबसे अधिक सराहना हो रही है दर्री थाना प्रभारी (टीआई) श्री तिवारी की, जो अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और मानवता के प्रति समर्पण के कारण क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। टीआई तिवारी अपने गुरुजनों से मिली शिक्षा—‘पहले इंसान, फिर अधिकारी’—को हमेशा अपने व्यवहार में उतारते हैं। यही कारण है कि वे पुलिस विभाग में ही नहीं बल्कि आम नागरिकों के बीच भी आदर्श के रूप में देखे जाते हैं।
घटना के बाद टीआई तिवारी ने महिला को अपने घर स्थित आश्रम जैसे सुरक्षित स्थान में ठहराने की व्यवस्था की, ताकि वह भयमुक्त वातावरण में सामान्य हो सके। उनके इस कदम ने न केवल एक जिंदगी बचाई, बल्कि पुलिस-प्रशासन की संवेदनशील छवि को भी मजबूती से सामने रखा।
स्थानीय नागरिकों ने टीआई तिवारी की इस पहल की खुलकर प्रशंसा की है। उनका कहना है कि “ऐसी मानवता ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत बनाती है।”
दर्री टीआई तिवारी का यह कदम साबित करता है कि वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा का दायित्व भी निभाती है।



















