
कोरबा, 24 नवम्बर 2025।
कटघोरा क्षेत्र में आज जिला प्रशासन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ काम कर रही है। समर्थन मूल्य व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में अवैध धान भंडारण पर सख्त नकेल कसते हुए संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई अंजाम दी।
यह पूरा अभियान जिला कलेक्टर श्री अजीत वसंत के स्पष्ट निर्देश एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री तन्मय खन्ना (IAS) के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। शासन का उद्देश्य स्पष्ट था— किसान की मेहनत पर कोई अनियमित व्यापारी अवैध मुनाफाखोरी न कर सके, और खरीदी व्यवस्था को भ्रष्टाचार-मुक्त रखा जाए।

सुबह से ही प्रशासन की संयुक्त टीम—जिसमें तहसीलदार कटघोरा श्री सूर्यप्रकाश केशकर, खाद्य निरीक्षक श्री सुरेंद्र लांझी, तथा मंडी समिति कटघोरा के सहायक ग्रेड-2 श्री राजेश झारिया शामिल थे—कटघोरा शहर, छिर्रा क्षेत्र तथा पुरानी बस्ती में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों और गोदामों का निरीक्षण करने उतरी।
निरीक्षण के दौरान टीम ने बड़े पैमाने पर अवैध धान भंडारण का खुलासा किया। व्यापारियों के गोदामों में छिपाकर रखा गया धान बिना किसी वैध दस्तावेज़ के पाया गया, जो सीधे-सीधे मंडी अधिनियम और समर्थन मूल्य व्यवस्था का उल्लंघन है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही धान को जप्त कर विधिवत सुपुर्दगी में ले लिया।
जप्त धान का विवरण इस प्रकार दर्ज किया गया—
- 16.80 क्विंटल धान — दिलीप कुमार अग्रवाल
- 11.20 क्विंटल धान — दुर्गा प्रसाद अग्रवाल
- 16 क्विंटल धान — भागवत प्रसाद जायसवाल (छिर्रा)
- 46 क्विंटल धान — यतीश जायसवाल (पुरानी बस्ती)
कुल 90 क्विंटल अवैध धान प्रशासन ने कब्जे में लिया। यह कार्रवाई न केवल नियम विरुद्ध गतिविधियों पर तत्काल रोकथाम का उदाहरण है, बल्कि जिले में यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि अवैध स्टॉक, कालाबाज़ारी और मिलावटखोरी जैसे कृत्यों पर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।
सरकार की मंशा किसानों को सुरक्षित, स्थिर और पारदर्शी खरीदी वातावरण उपलब्ध कराने की है। यदि बाजार में अवैध भंडारण बढ़ता है तो इससे न केवल समर्थन मूल्य प्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी वजह से प्रशासन ने इस वर्ष पुनः सख्ती बढ़ाते हुए अभियान को और मजबूत किया है।
जिला प्रशासन ने जनता, व्यापारियों और किसानों से अपील की है कि वे नियमों के अनुरूप कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुँचाएँ।
सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—
“किसान हित सर्वोपरि है; अवैध व्यापार पर कार्रवाई लगातार और निर्भीकता से जारी रहेगी।”



















