
कोरबा, 26 सितम्बर 2025/
जिले में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और संपूर्ण परिवार की भलाई को सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में दिनांक 24, 25 एवं 26 सितंबर को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग 1700 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया, वहीं 642 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 से 26 सितंबर तक आयोजित यह विशेष शिविर “छत्तीसगढ़ की महतारी – हम सबकी जिम्मेदारी” थीम के अंतर्गत चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के अंतर्गत महिलाओं और गर्भवती माताओं की गंभीर बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल और एनीमिया की जाँच की जा रही है। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच, जोखिमग्रस्त महिलाओं की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
अभियान में बच्चों का टीकाकरण भी किया जा रहा है, वहीं किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यदि महिलाएँ स्वस्थ और सशक्त होंगी तो परिवार अपने आप सशक्त होगा। “माँ का स्वास्थ्य ही परिवार की मजबूती की नींव है”, इसी सोच के साथ यह अभियान निरंतर संचालित हो रहा है।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं, किशोरियों और गर्भवती माताओं को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिविरों में शामिल होकर महिलाएँ न केवल अपनी बीमारियों की पहचान करा सकती हैं बल्कि समय रहते उचित उपचार भी प्राप्त कर सकती हैं। इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं को रोका जा सकेगा और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी बताया कि इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल बीमारियों की जाँच तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को जागरूक करने, उनके पोषण स्तर को सुधारने और किशोरियों को स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास भी है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार की महिलाओं और बेटियों को इस अभियान का हिस्सा बनाएं ताकि समय रहते उनकी समस्याओं की पहचान और समाधान हो सके।
जिले में चल रहा यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। शिविरों में उत्साहजनक भागीदारी इस बात का संकेत है कि समाज अब महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रहा है। नारी के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के माध्यम से ही परिवारों और समाज की समग्र भलाई सुनिश्चित की जा सकती है।


















