
कोरबा, 01 अप्रैल 2026 /
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना प्रदेश के भूमिहीन श्रमिक परिवारों के लिए सहारा बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है।
योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। यह राशि श्रमिक परिवारों के दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह निवासी श्री मनोज खूंटे इस योजना के लाभान्वित हितग्राहियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनका जीवन काफी कठिनाइयों से भरा हुआ था। भूमिहीन होने के कारण वे मजदूरी पर निर्भर थे और सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना चुनौतीपूर्ण था। चार सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें कई बार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।
श्री खूंटे ने आगे बताया कि अब वे भविष्य के प्रति भी जागरूक हुए हैं और इस राशि में से कुछ बचत कर छोटा व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन में स्थिरता, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है।
यह योजना श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से बदली श्रमिक परिवारों की तकदीर">




















