
रायपुर/अंबिकापुर, 21 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और अपनी आय में वृद्धि करें। इस दौरान उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है और अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने किसानों से किया हर वादा पूरा किया है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी बनी हुई है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, जबकि शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा तिलहन विकास परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि राज्य में 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों और विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।
कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह आयोजन किसानों के लिए नई तकनीकों को समझने और कृषि में नवाचार को अपनाने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

कृषक समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम: किसानों से किया हर वादा पूरा कर रही हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय">

















