
कोरबा, 21 मार्च 2026। सूर्य उपासना का महापर्व छठ, जिसे मुख्य रूप से कार्तिक मास में मनाया जाता है, अब चैत्र माह में भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। कोरबा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पूर्वांचल समाज के लोग चैती छठ पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं। इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से जुड़े लोग इस पर्व को विशेष महत्व देते हैं। समय के साथ अन्य क्षेत्रों के लोग भी इस आस्था पर्व से जुड़ते जा रहे हैं, जिससे इसकी व्यापकता लगातार बढ़ रही है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है, जिसमें शुद्धता, नियम और कठिन तपस्या का विशेष महत्व होता है।
रविवार, 22 मार्च को “नहाए-खाए” के साथ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व की शुरुआत होगी। इस दिन व्रती स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं। 23 मार्च को “खरना” का अनुष्ठान किया जाएगा, जिसमें गुड़-खीर का प्रसाद बनाकर पूजा की जाती है। 24 मार्च को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा, जहां घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसके बाद 25 मार्च की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया जाएगा।
पर्व को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों द्वारा घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
चैती छठ पूजा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है।



















