
खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए तैयार किया जा रहा विस्तृत आधार
बालोद, 12 मार्च 2026।
जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला मुख्यालय बालोद के समीप स्थित ग्राम जुंगेरा पहुंचकर ग्राम पंचायत में संचालित डीएमएफ बेस लाइन सर्वे कार्य का निरीक्षण किया और इसकी प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जुंगेरा सहित आसपास के गांवों में उपलब्ध शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, कौशल विकास तथा बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों की आवश्यकताओं और समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को योजनाबद्ध ढंग से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के संतुलित और समग्र विकास के लिए वास्तविक स्थिति की सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से डीएमएफ बेस लाइन सर्वे कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से इन क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता तथा पर्यावरणीय मुद्दों का विस्तृत मानचित्रण किया जा रहा है। इससे भविष्य में विकास कार्यों की प्रभावी योजना बनाना आसान होगा और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि गांवों में मोबाइल मेडिकल वैन, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता कैसी है तथा स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और अन्य आवश्यक संसाधनों की स्थिति क्या है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
कलेक्टर ने गांव के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों और पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों को नियमित रूप से विद्यार्थियों की प्रगति पर ध्यान देने तथा पालकों से संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि डीएमएफ के माध्यम से प्राप्त संसाधनों का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाएगा, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सके।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस सर्वे के आधार पर गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्राम जुंगेरा पहुंचकर डीएमएफ बेस लाइन सर्वे कार्य का लिया जायजा ग्रामीणों से संवाद कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की ली जानकारी">


















