
कोरबा, 12 मार्च 2026।
न्याय व्यवस्था को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने के उद्देश्य से आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील स्तर के न्यायालयों में किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों का निराकरण किया जाता है, जिन्हें आपसी सहमति और समझौते से शीघ्र सुलझाया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत देना और विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है।
इस नेशनल लोक अदालत में जिला एवं तहसील स्तर पर न्यायालयों में लंबित विभिन्न प्रकार के मामलों का निराकरण किया जाएगा। इनमें राजीनामा योग्य दीवानी प्रकरण, फौजदारी मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, परिवार न्यायालय से जुड़े विवाद, श्रम विवाद, भू-अर्जन से संबंधित मामले, राजस्व प्रकरण, पराक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, बैंक वसूली के प्रकरण तथा विद्युत चोरी से संबंधित मामलों सहित अन्य उपयुक्त मामलों का निपटारा सुलह-समझौते के माध्यम से किया जाएगा।
लोक अदालत की विशेषता यह है कि इसमें विवादों का समाधान आपसी सहमति से किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही, लोक अदालत में निपटाए गए मामलों के निर्णय अंतिम होते हैं और इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे पक्षकारों को तुरंत राहत मिलती है।
जिला न्यायालय प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नेशनल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने लंबित प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण कराएं और इस प्रभावी न्यायिक व्यवस्था का लाभ उठाएं।
लोक अदालत के माध्यम से न केवल न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलती है, बल्कि समाज में सौहार्द और पारस्परिक विश्वास को भी बढ़ावा मिलता है।



















