
कोरबा, 10 मार्च 2026।
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध, जिम्मेदारीपूर्वक और प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।
बैठक में पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग के साथ-साथ एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में पिछले तीन वर्षों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों की समीक्षा की गई।
जिला परिवहन अधिकारी श्री विवेक सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटनाओं के विश्लेषण के आधार पर जिले में 18 प्रमुख ब्लैक स्पॉट और 3 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। कलेक्टर ने इन स्थानों पर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सड़क चौड़ीकरण, रंबल स्ट्रिप, क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक, स्ट्रीट लाइट, पेड़ों की कटाई तथा सोल्डर फिलिंग जैसे कार्य तेजी से किए जाएं।
कलेक्टर ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण में कई गंभीर समस्याएं सामने आई हैं, जिनमें क्षतिग्रस्त सड़कें, असुरक्षित मोड़, पेड़ों की छाया से दृश्यता प्रभावित होना, अतिक्रमण, सड़क किनारे झाड़ियां तथा कोयला और फ्लाई ऐश का जमाव शामिल हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि छोटी कमियों को एक सप्ताह के भीतर और बड़े सुधार कार्यों को मार्च माह के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए।
सड़क किनारे कोयला और डस्ट से प्रभावित मार्गों की सफाई को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने एसईसीएल, बालको और अन्य औद्योगिक इकाइयों को डेढ़ माह के भीतर मिशन मोड में इन मार्गों की सफाई कराने के लिए कहा। साथ ही पीडब्ल्यूडी को इन मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कलेक्टर ने भारी वाहनों के चालकों की आंखों की नियमित जांच को भी आवश्यक बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सार्वजनिक उपक्रम स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हर छह महीने में ट्रक, बस, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करें।
धूल नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने गोपालपुर-छुरीकला, बालको-धर्री डेम तथा कोयला एवं फ्लाईऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव कराने के निर्देश दिए। बालको मार्ग पर पानी टैंकरों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा रताखार-जोड़ा पुल क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को तत्काल स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। वहीं प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के कार्य में देरी होने पर परिवहन अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
मदनपुर घाट मोड़, लमना घाट, डूमरकछार, रंगोली चौक, उरगा-मडवारानी ओवरब्रिज और रताखार जोड़ा पुल जैसे दुर्घटनाजन्य स्थानों पर सुधार कार्यों को उच्च प्राथमिकता देने की बात भी कलेक्टर ने कही।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने, निर्धारित गति से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की

सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दिए त्वरित सुधार के निर्देश">



















