
शकरकंद, पपीता जैसी लाभदायक फसलों की खेती के लिए किसानों को किया प्रेरित, बिजली समस्या पर दिए तत्काल निर्देश
कोरबा, 08 मार्च 2026।
जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचल में किसानों की मेहनत और खेतों की हरियाली को नजदीक से देखने कलेक्टर कुणाल दुदावत खुद खेतों तक पहुंचे। घने साल जंगलों और सूखे खेतों के बीच जब उनका काफिला आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक लबेद जलाशय से सिंचित क्षेत्र में हरे-भरे खेतों का मनोहारी दृश्य सामने आया। गर्मी के मौसम में भी मूंगफली, उड़द और मक्का की लहलहाती फसलों को देखकर कलेक्टर ने अपनी गाड़ी रुकवाई और सीधे खेतों में उतरकर किसानों से बातचीत की।

कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरपाली के कलमीटिकरा क्षेत्र में पहुंचकर कलेक्टर ने किसानों द्वारा की जा रही फसल उत्पादन की गतिविधियों का करीब से अवलोकन किया। खेतों की मेड़ों से होते हुए वे सीधे फसल के बीच पहुंचे और किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए खेती की पद्धतियों और शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी ली।
किसान टीकाराम राठिया और सहदेव राठिया ने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के तहत उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। धान की फसल बेचने के बाद कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 28 फरवरी को उनके खातों में जमा हो चुकी है। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज और तकनीकी मार्गदर्शन भी समय-समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पास स्थित लबेद जलाशय से पर्याप्त पानी मिलने के कारण गर्मी के मौसम में भी खेती करना संभव हो पाया है।
किसानों ने जानकारी दी कि क्षेत्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मक्का, डीएमएफ मद से मूंगफली और दलहन आत्मनिर्भर योजना के अंतर्गत उड़द की खेती की जा रही है। वर्तमान में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का, 9 हेक्टेयर में उड़द और 21 हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की जा रही है। कलेक्टर ने खेत में खड़े होकर फसलों का अवलोकन किया और किसानों को शकरकंद, पपीता सहित अन्य लाभदायक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विविध फसलों को अपनाने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है।
दौरे के दौरान किसानों ने सिंचाई के समय बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या भी कलेक्टर के सामने रखी। इस पर कलेक्टर ने तुरंत विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन कर समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। कुछ किसानों ने यह भी बताया कि खेतों तक लगाए गए बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम कलमीटिकरा के किसानों ने लबेद जलाशय के पास पुल निर्माण की मांग भी कलेक्टर के सामने रखी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खेतों की मेड़ों पर लगभग एक किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर स्थल का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग को पुल निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम मुढूनारा में किसान टीकाराम द्वारा लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई पद्धति से की जा रही तरबूज की खेती का भी निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि गांव के पांच किसान मिलकर वर्ष में तीन बार फसल लेते हैं, जिससे प्रत्येक किसान को लगभग एक लाख रुपये तक की आय प्राप्त होती है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले और एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




















