
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में डॉ. संजय कन्नौजे, कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलटिकरी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर कलेक्टर ने तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए 9 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस कदम को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में साहसिक और सराहनीय पहल माना जा रहा है।
निरीक्षण से सामने आई वास्तविक स्थिति
औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने विद्यालय की कक्षाओं का भ्रमण कर पठन-पाठन की जमीनी हकीकत को परखा। उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, विषय समझ और शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। कुछ कक्षाओं में समय पर अध्यापन न होने और शैक्षणिक अभिलेखों के अद्यतन न रहने जैसी कमियां सामने आईं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
अनुशासन और जवाबदेही पर स्पष्ट संदेश
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग में अनुशासन और समयपालन अनिवार्य है। निरीक्षण में पाई गई लापरवाही पर 9 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई अन्य शिक्षकों के लिए भी स्पष्ट चेतावनी और संदेश है।
शिक्षा अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करें और शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा स्पष्ट है—हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी, ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
विद्यार्थियों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि शासन द्वारा शिक्षा के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जा रही है, लेकिन उनका सही उपयोग तभी संभव है जब शिक्षक और अधिकारी पूरी निष्ठा से अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा और गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुधारात्मक निर्देश और सकारात्मक पहल
निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि—
कक्षाओं में नियमित और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन होशिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
शैक्षणिक अभिलेख और उपस्थिति पंजी नियमित रूप से अपडेट रहेंविद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाए और पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण हो
सख्त लेकिन सकारात्मक प्रशासन
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। औचक निरीक्षण और त्वरित निर्णय से न केवल शिक्षा व्यवस्था में कसावट आएगी, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह कदम जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।



















