
बालोद, 08 फरवरी 2026।
शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों में 07 फरवरी 2026 को ‘रोजगार दिवस’ एवं ‘आवास दिवस’ का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, पंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, मनरेगा श्रमिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। आयोजन के दौरान न केवल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, बल्कि आगामी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्रामीणों को प्रेरित भी किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) एवं VBG R-RAM-G योजना के प्रावधानों की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को आवास निर्माण की तकनीकी बारीकियां, किस्तों के भुगतान की प्रक्रिया और गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही VBG R-RAM-G योजना के नवीन प्रावधानों तथा ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जिसमें ग्रामीण मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्थायी रोजगार सुरक्षा प्रदान करने का उद्देश्य शामिल है।
जानकारी दी गई कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026 से प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को 125 दिनों की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को न्यूनतम आय सुरक्षा देना, बेरोजगारी, पलायन एवं आर्थिक अस्थिरता को कम करना है। इसके साथ ही मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर, समय पर भुगतान और श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मनरेगा अंतर्गत संपादित कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण, भौतिक सत्यापन तथा योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। डिजिटल पारदर्शिता के तहत ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन से QR-Code स्कैन कर मनरेगा कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की, जिससे योजनाओं में विश्वास और सहभागिता बढ़ी।
जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायतों में VBG R-RAM-G के पंपलेट वितरण, दीवार लेखन एवं अन्य माध्यमों से योजनाओं की जानकारी साझा की गई, ताकि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
शासन की मंशा के अनुरूप रोजगार और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुलभ बनाना ही प्राथमिकता है, और इस दिशा में ऐसे आयोजन ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान कर रहे हैं।




















