
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 06 फरवरी 2026।
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और शिक्षा के अधिकार को सशक्त आवाज़ देने के उद्देश्य से NSUI जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक छात्र अधिकार पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा माननीय जिलाध्यक्ष श्री अभिषेक शर्मा जी के निर्देशानुसार नगर पंचायत सरसीवां से कलेक्टर कार्यालय सारंगढ़ तक लगभग 16 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए संपन्न हुई।
इस जनआंदोलन का कुशल नेतृत्व NSUI ब्लॉक अध्यक्ष सरसीवां श्री प्रियांशु जांगड़े ने किया, जिनकी अगुवाई में सैकड़ों छात्र-छात्राएं, कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेता, जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं NSUI कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़क पर उतरे। पूरे मार्ग में “कॉलेज खोलो – छात्रों का भविष्य बचाओ” जैसे गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा।
ब्लॉक अध्यक्ष प्रियांशु जांगड़े ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि सरसीवां और आसपास के ग्रामीण अंचलों के होनहार छात्र आज भी उच्च शिक्षा से वंचित हैं। कॉलेज की सुविधा के अभाव में विद्यार्थियों को दूर शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है और कई छात्र-छात्राएं मजबूरी में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। विशेषकर छात्राओं के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, “शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। जब तक सरसीवां में कॉलेज की स्थापना नहीं होती, तब तक क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है। NSUI छात्रों के सपनों को टूटने नहीं देगी। यह लड़ाई केवल कॉलेज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की है।”
पदयात्रा के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि NSUI केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि छात्र हितों की सशक्त आवाज़ है। अनुशासित, शांतिपूर्ण और संगठित रूप से निकली यह पदयात्रा जनसमर्थन का प्रतीक बनी।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सरसीवां में शीघ्र कॉलेज/उच्च शिक्षण संस्था खोलने की मांग की गई। प्रशासन से सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय की अपेक्षा जताई गई।
इस पदयात्रा ने यह सिद्ध कर दिया कि NSUI ब्लॉक अध्यक्ष प्रियांशु जांगड़े न केवल छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं, बल्कि शिक्षा के मुद्दे पर संघर्ष करने वाले जमीनी नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। सरसीवां की जनता और छात्र समुदाय को अब विश्वास है कि यह आंदोलन जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा।



















