
38 वर्षों की ईमानदार सेवा का सम्मानजनक समापन
पौड़ी उपरोड़ा /
सरकारी सेवा में ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के उदाहरण आज के समय में कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन जनपद पंचायत शक्ति में पदस्थ लेखपाल राकेश कुमार उपाध्याय ने अपने पूरे सेवाकाल में इन मूल्यों को न केवल जिया, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत किया। लगभग 38 वर्ष 06 माह 04 दिन की दीर्घ, निष्कलंक और समर्पित सेवा के पश्चात श्री उपाध्याय ने 30 जनवरी 2026 को अपना अंतिम कार्यदिवस पूर्ण किया और 31 जनवरी 2026 को विधिवत सेवानिवृत्त हुए।
श्री उपाध्याय ने अपनी विभागीय सेवा की शुरुआत 29 जुलाई 1987 (बुधवार) को की थी। लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने दो पदोन्नतियां प्राप्त कीं और हर दायित्व को पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निभाया। सहकर्मियों के अनुसार, वे ऐसे अधिकारी रहे जिन्होंने कभी भी अपने कार्य में समझौता नहीं किया और सदैव नियमों, प्रक्रिया और सत्य के मार्ग पर चलते हुए कार्य किया।

सेवानिवृत्ति के अवसर पर जनपद पंचायत पौड़ी उपरोड़ा में एक सादगीपूर्ण लेकिन गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत पौड़ी उपरोड़ा, अधिकारीगण एवं समस्त कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने एक स्वर में श्री उपाध्याय के व्यवहार, कार्यशैली और ईमानदारी की सराहना की।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि “राकेश कुमार उपाध्याय जैसे कर्मचारी किसी भी विभाग की पूंजी होते हैं। उनकी पारदर्शी कार्यप्रणाली, समय पालन और निष्पक्ष निर्णयों ने विभाग की छवि को मजबूती प्रदान की है।” वहीं सहकर्मियों ने कहा कि उपाध्याय जी हमेशा सहयोगी रहे और नए कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने में अग्रणी भूमिका निभाई।
विदाई समारोह के दौरान श्री उपाध्याय भावुक नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “सरकारी सेवा मेरे लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व रही है। मैंने हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी निभाने का प्रयास किया और विभाग से जो सहयोग मिला, उसे कभी नहीं भूलूंगा।”
कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की गई।
निस्संदेह, राकेश कुमार उपाध्याय का सेवाकाल जनपद पंचायत के इतिहास में ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ प्रशासन का एक प्रेरणास्रोत बनकर याद किया जाएगा।


















