
बालोद, 27 जनवरी 2026।
राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक जारी है। शासन की सुदृढ़ व्यवस्था और प्रभावी निगरानी के चलते किसान बिना किसी परेशानी के धान खरीदी केन्द्रों में अपनी उपज की बिक्री कर रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराना है, जिसमें राज्य सरकार पूर्णतः सफल होती नजर आ रही है।
मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में अब तक प्रदेश के 23 लाख 48 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी धान की बिक्री कर ली है। इसके एवज में किसानों के खातों में 29 हजार 597 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण किया जा चुका है। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि धान बिक्री के 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाए, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।
राज्य शासन द्वारा आगामी तीन दिनों में धान खरीदी को और अधिक सुचारू बनाने की योजना है। इस अवधि में लगभग 01 लाख 50 हजार किसान धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर अपनी उपज की बिक्री करेंगे। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा आगामी तीन दिनों में 70 हजार से अधिक टोकन जारी किए जाएंगे, जबकि प्रतिदिन औसतन 22 हजार टोकन जारी किए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन लगभग 03 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा रही है, जो शासन की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
जिला खाद्य अधिकारी तुलसी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 जनवरी 2026 तक बालोद जिले के 01 लाख 43 हजार 227 किसानों द्वारा 67 लाख 80 हजार 381 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की जा चुकी है। इसके अंतर्गत जिले में कुल 1609 करोड़ 76 लाख 74 हजार 246 रुपये से अधिक की धान खरीदी की गई है। यह आंकड़ा जिले में धान खरीदी व्यवस्था की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
राज्य शासन द्वारा धान खरीदी केन्द्रों में की गई बेहतर व्यवस्था, पर्याप्त टोकन वितरण, समयबद्ध भुगतान और प्रशासनिक समन्वय के कारण किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना हुआ है। शासन की यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।




















