
कोरबा, 20 जनवरी 2026/
जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, परिणामोन्मुखी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक सुधारों की दिशा में ठोस पहल करना, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं की प्रभावी और सुनियोजित तैयारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विकासखंडवार शैक्षणिक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बोर्ड परीक्षा की तैयारियों और विगत वर्षों के परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के विषयवार प्रदर्शन का आकलन कर कमजोर विषयों की पहचान की जाए और उसी के आधार पर सुधारात्मक रणनीति तैयार की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समझ, अवधारणाओं की स्पष्टता और सीखने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर ने प्रत्येक विद्यालय स्तर पर विषयवार विश्लेषण करते हुए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस कार्ययोजना में अतिरिक्त कक्षाएं, पुनरावृत्ति अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास, साप्ताहिक एवं मासिक मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता देने को कहा गया, ताकि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़े और परीक्षा परिणामों में ठोस एवं सकारात्मक सुधार सुनिश्चित हो सके।
शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने, नियमित रूप से अध्यापन कार्य करने तथा प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि शत-प्रतिशत उपस्थिति लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त किया जाए, जिससे शिक्षण कार्य में निरंतरता बनी रहे।
बैठक में विद्यालयों के भौतिक संसाधनों और अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवन, कक्षाओं, फर्नीचर या अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इसके अतिरिक्त, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले की सभी 412 ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले उल्लास मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि इस मेले का उद्देश्य नवभारत साक्षरता अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है। मेले में नव साक्षरजनों और स्वयंसेवी शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक स्टाल पर दो नव साक्षर और एक स्वयंसेवी शिक्षक कार्य करेंगे तथा संपूर्ण व्यवस्था का मार्गदर्शन संबंधित प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा।
उल्लास मेले के सफल संचालन के लिए नोडल प्राचार्य एवं सहायक नोडल संकुल शैक्षिक समन्वयकों की जिम्मेदारी तय की गई है। आयोजन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग समितियों का गठन किया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता विभाग ज्योति शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।




















