
सरसींवा (सारंगढ़–बिलाईगढ़), 16 जनवरी 2026/
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी योजनाओं के सुचारु एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में भटगांव परियोजना अंतर्गत सेक्टर धोबनी से प्राप्त एक शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम धोबनी निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता रोहित कुमार साहू द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सारंगढ़ को एक लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में सेक्टर धोबनी की महिला पर्यवेक्षक श्रीमती सुरतिया खरे के कार्यों से संबंधित कुछ बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। शिकायत में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन एवं गर्म भोजन योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों का उल्लेख किया गया है।
शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषणयुक्त गर्म भोजन, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यह एक अत्यंत संवेदनशील योजना है, जिससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास का सीधा संबंध है। ऐसे में किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लेना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संबंधित पर्यवेक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से पर्यवेक्षक को तीन दिवस के भीतर परियोजना अधिकारी, भटगांव के अभिमत सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जवाब प्राप्त होने के पश्चात तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि विभाग किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखता, लेकिन योजनाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। यदि जांच में शिकायत निराधार पाई जाती है तो संबंधित को राहत दी जाएगी, वहीं तथ्यों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग जन शिकायतों के प्रति संवेदनशील है और समयबद्ध, निष्पक्ष जांच के माध्यम से व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन का उद्देश्य दोषारोपण नहीं, बल्कि व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना और योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाना है।




















