
सारंगढ़–बिलाईगढ़,
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका, जिम्मेदारी और चुनौतियों पर केंद्रित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला एवं रात्रि कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन रविवार को जिला मुख्यालय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास पुष्प वाटिका में किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजक पत्रकार साथियों द्वारा उनका पुष्पगुच्छ, फूल-मालाओं एवं आत्मीय स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक जैतखाम पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” की मधुर प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर शहीद पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सोनिया चौहान (अंतरराष्ट्रीय कराते विजेता), पुलिस निरीक्षक टीकाराम खटकर, राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित सुनीता यादव एवं प्रियंका गोस्वामी को “सारंगढ़ रत्न” सम्मान प्रदान कर उनके उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं, जिन्हें सत्ता से सवाल पूछने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हर पत्रकार को औपचारिक पत्रकारिता शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाता, ऐसे में कार्यशालाएं पत्रकारों के लिए सीखने, समझने और स्वयं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे ईमानदारी और साहस के साथ निभाना होता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के इस दौर में पत्रकारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। “पहले पोस्ट” की प्रतिस्पर्धा में यदि कोई खबर बिना सत्यापन के प्रकाशित हो जाती है, तो वर्षों की प्रतिष्ठा कुछ ही क्षणों में नष्ट हो सकती है। इसलिए सच्ची, प्रमाणित और जिम्मेदार पत्रकारिता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे एक अच्छे वकील को विभिन्न विषयों का ज्ञान होना जरूरी होता है, वैसे ही एक पत्रकार को प्रशासन, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, सिस्टम और नीतियों की समझ होनी चाहिए। व्यापक दृष्टिकोण और ज्ञान ही प्रभावी पत्रकारिता को जन्म देता है। पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता को उन्होंने स्वाभाविक और आवश्यक बताते हुए कहा कि जोखिमों से भरे इस पेशे में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होना जरूरी है।

उन्होंने मुंगेली के वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र अग्रवाल को स्मरण करते हुए कहा कि धमकियां और संघर्ष ही सच्चे पत्रकार के असली पदक होते हैं और जीवन के अंतिम क्षण तक सत्य के लिए डटे रहना ही पत्रकार की असली पहचान है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पाण्डेय, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही, जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति पटेल, पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन साहित्य, संवाद और विचारों के सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।




















