
सात दिवसीय विशेष शिविर में नाटक, नृत्य, स्वच्छता और जनजागरूकता से दिया गया सकारात्मक सामाजिक संदेश
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 10 जनवरी 2026/
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगढ़ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ग्राम गोड़ीहारी में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन उत्साह, अनुशासन और सामाजिक चेतना के वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य विषय “नशा मुक्त समाज में युवा” रखा गया, जिसके माध्यम से स्वयंसेवक छात्राओं ने समाज को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवक छात्राओं ने नाटक, नृत्य, स्वच्छता अभियान, परियोजना कार्य एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशामुक्ति और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने नशे से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया, जिसे ग्रामीणों ने सराहा।
स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों एवं शैक्षणिक परिसरों में साफ-सफाई अभियान चलाया और स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। इसके साथ ही घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद कर नशा छोड़ने, युवाओं को सही दिशा देने तथा स्वस्थ समाज निर्माण में सहयोग करने की अपील की गई।
समापन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गोड़ीहारी के सरपंच, बीडीसी, डी.के. शर्मा (व्याख्याता, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगढ़), वीरेंद्र जोल्हे (सहायक कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस), सहसराम साहू, पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला गोड़ीहारी के शिक्षक-शिक्षिकाएं सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्राओं के अनुशासन, मेहनत और सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से युवाओं में नेतृत्व, सेवा और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी आशा किरण तिर्की के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में शिविरार्थियों ने पूरे सात दिनों तक समर्पण भाव से विभिन्न गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न किया। उत्कृष्ट कार्य एवं प्रभावशाली परियोजना प्रस्तुत करने वाली स्वयंसेवक छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने नशा मुक्त समाज निर्माण एवं स्वच्छ, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस सात दिवसीय विशेष शिविर ने न केवल छात्राओं को सामाजिक दायित्वों से जोड़ा, बल्कि ग्रामीण समाज में भी जागरूकता की मजबूत नींव रखी।




















